महिला एकता मंच की बैठक: 3 जनवरी को सावित्रीबाई फुले जयंती पर कार्यक्रम, अंकिता मामले में धामी सरकार पर बरसीं महिलाएं

रामनगर। मालधन, हिंदी न्यूज महिला एकता मंच की चंद्रनगर स्थित मालधन में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में महिलाओं ने देश की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले के जन्मदिवस को यादगार बनाने का संकल्प लिया। बैठक में निर्णय लिया गया कि आगामी 3 जनवरी को सावित्रीबाई फुले के जन्मदिवस पर एक संगोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम मालधन के चंद्रनगर में प्रातः 11 बजे से शुरू होगा, जिसमें महिलाओं की शिक्षा, अधिकार और सामाजिक योगदान पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।

बैठक की अध्यक्षता कर रही सरस्वती जोशी ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने महिलाओं की शिक्षा और मुक्ति के लिए जीवनभर संघर्ष किया। उनका जन्मदिवस न केवल याद करने का अवसर है, बल्कि महिलाओं को एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए लड़ने की प्रेरणा भी देता है। संगोष्ठी में स्थानीय महिलाएं बड़े संख्या में भाग लेंगी और सावित्रीबाई के योगदान पर प्रकाश डाला जाएगा।

बैठक में महिलाओं ने 2022 के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड पर भी गहन चर्चा की। हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुई उर्मिला सनावर राठौर की वीडियो पर ध्यान केंद्रित करते हुए महिलाओं ने कहा कि इस वीडियो में अंकिता हत्याकांड में एक वीआईपी के रूप में पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौड़ उर्फ ‘गट्टू’ का नाम उजागर किया गया है। वीडियो में दावा किया गया है कि हत्या के पीछे इस वीआईपी का इशारा था और अंकिता पर ‘स्पेशल सर्विस’ प्रदान करने का दबाव बनाया जा रहा था।

सरस्वती जोशी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि ‘गट्टू’ का नाम सामने आने के बावजूद प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पूरी तरह मौन हैं। उनकी यह चुप्पी प्रदेश की आधी आबादी को बुरी तरह खल रही है। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। अंकिता हत्याकांड के समय ‘गट्टू’ कहां मौजूद थे, उनका इस घटना से क्या संबंध था और वीआईपी की भूमिका क्या थी इसका स्पष्ट खुलासा किया जाना चाहिए।

महिलाओं ने आरोप लगाया कि भाजपा का ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ नारा पूरी तरह ढकोसला साबित हो चुका है। प्रदेश की भाजपा सरकार को तत्काल वीआईपी के नाम का खुलासा कर उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही, हत्याकांड से जुड़े सबूत मिटाने के आरोप में रिजॉर्ट पर बुलडोजर चलवाने के लिए जिम्मेदार भाजपा नेताओं और अधिकारियों पर भी मुकदमा दर्ज किया जाए। उर्मिला राठौर द्वारा उत्तराखंड भवन से जुड़े लगाए गए आरोपों की भी स्वतंत्र जांच कराई जाए।

बैठक में चेतावनी दी गई कि यदि भाजपा सरकार इन मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लेती, तो महिला एकता मंच मजबूर होकर सड़कों पर उतरकर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करेगा। महिलाओं ने एक स्वर में कहा कि अंकिता जैसी बेटियों को न्याय मिलना जरूरी है, अन्यथा महिलाओं का विश्वास सरकार से उठ जाएगा। बैठक में ममता आर्य, सोनी, सरला देवी, विनिता टम्टा, ममता, भगवती आर्य, देवी आर्य, अल्का, सरस्वती जोशी सहित कई महिलाएं उपस्थित रहीं।

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