नई दिल्ली/कंधमाल। हिंदी न्यूज नक्सल-मुक्त भारत की दिशा में एक और निर्णायक सफलता दर्ज करते हुए सुरक्षाबलों ने ओडिशा के कंधमाल जिले में बड़े नक्सल विरोधी ऑपरेशन को अंजाम दिया है। इस अभियान में प्रतिबंधित नक्सली संगठन के सेंट्रल कमेटी मेंबर गणेश उइके सहित कुल 6 नक्सलियों को मार गिराया गया है। इसे ओडिशा में नक्सलवाद के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है।
गृह मंत्रालय कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस ऑपरेशन की जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह कार्रवाई नक्सल-मुक्त भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मंत्रालय के अनुसार, इस सफलता के बाद ओडिशा नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त होने की कगार पर पहुंच गया है।
सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षाबलों को कंधमाल के दुर्गम और जंगलों से घिरे इलाके में नक्सलियों की मौजूदगी की पुख्ता खुफिया जानकारी मिली थी। इसके बाद संयुक्त सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इस दौरान नक्सलियों की ओर से फायरिंग की गई, जिसके जवाब में सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभालते हुए 6 नक्सलियों को ढेर कर दिया।

मारे गए नक्सलियों में सेंट्रल कमेटी मेंबर गणेश उइके का शामिल होना संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। गणेश उइके लंबे समय से नक्सली गतिविधियों में सक्रिय था और कई हिंसक घटनाओं में उसकी संलिप्तता बताई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, उसकी मौत से नक्सली नेटवर्क की कमर टूटेगी और शेष कैडर का मनोबल कमजोर होगा।
गृह मंत्रालय ने दोहराया है कि केंद्र सरकार 31 मार्च 2026 से पहले देश से नक्सलवाद का पूरी तरह सफाया करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार की रणनीति में सुरक्षा कार्रवाई के साथ-साथ विकास कार्य, सड़क–संचार नेटवर्क का विस्तार, शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाना शामिल है, ताकि प्रभावित इलाकों में स्थायी शांति स्थापित की जा सके।
इस ऑपरेशन के बाद ओडिशा में नक्सली हिंसा के मामलों में निर्णायक कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने इसे राज्य में शांति, विकास और भरोसे की वापसी की दिशा में बड़ा कदम बताया है।
कुल मिलाकर, कंधमाल ऑपरेशन न सिर्फ ओडिशा बल्कि पूरे देश के लिए एक मजबूत संदेश है कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई अपने अंतिम चरण में है और सरकार इसे जड़ से खत्म करने के लिए पूरी तरह संकल्पित है।
