नई दिल्ली,हिंदी न्यूज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज क्रिसमस के पावन अवसर पर दिल्ली स्थित द कैथेड्रल चर्च ऑफ द रिडेम्पशन में आयोजित विशेष प्रार्थना सभा में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने देशवासियों को क्रिसमस की शुभकामनाएं देते हुए प्रेम, शांति और करुणा के शाश्वत संदेश को आत्मसात करने का आह्वान किया।

प्रार्थना सभा के दौरान चर्च परिसर आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर नजर आया। कैरोल गीतों, प्रार्थनाओं और संदेशों के बीच प्रधानमंत्री की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि क्रिसमस केवल एक पर्व नहीं, बल्कि मानवता, दया और आपसी भाईचारे की भावना को मजबूत करने का अवसर है।

प्रधानमंत्री ने कहा,“इस प्रार्थना सभा में प्रेम, शांति और करुणा का शाश्वत संदेश झलक रहा था। क्रिसमस की भावना हमारे समाज में सद्भाव और सामंजस्य को प्रेरित करे।”प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर भी अपने विचार साझा करते हुए लिखा कि उन्होंने क्रिसमस की सुबह प्रार्थना सभा में भाग लिया, जहां से प्रेम, शांति और करुणा का संदेश पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि क्रिसमस की भावना देश में एकता, सद्भाव और आपसी समझ को और सशक्त करेगी।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने चर्च में मौजूद धार्मिक नेताओं और समुदाय के सदस्यों से भी संवाद किया। उन्होंने कहा कि भारत विविधताओं से भरा देश है, जहां सभी धर्म और परंपराएं आपसी सम्मान और सौहार्द के साथ आगे बढ़ती हैं। क्रिसमस नई आशा, गर्मजोशी और दयालुता के प्रति साझा प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।
प्रार्थना सभा की झलकियों में प्रधानमंत्री को शांत भाव से प्रार्थना करते और चर्च के ऐतिहासिक व आध्यात्मिक महत्व को नमन करते हुए देखा गया। कार्यक्रम के मुख्य अंशों में शांति के लिए प्रार्थना, समाज के कमजोर वर्गों के प्रति करुणा और विश्व में सद्भाव की कामना शामिल रही।

क्रिसमस के इस अवसर पर प्रधानमंत्री की सहभागिता ने देश को यह संदेश दिया कि प्रेम, शांति और मानवता के मूल्यों के साथ ही एक सशक्त और समरस भारत का निर्माण संभव है।
