अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग तेज, काठगोदाम ब्लॉक कांग्रेस ने देवलढूँगा में आयोजित किया शांतिपूर्ण मोमबत्ती मार्च

काठगोदाम/हल्द्वानी, हिंदी न्यूज, उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग एक बार फिर जोर पकड़ रही है।  इस सनसनीखेज हत्याकांड में कथित ‘वीआईपी’ की संलिप्तता के आरोपों ने प्रदेश की सियासत को गरमा दिया है। इसी क्रम में रविवार को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी काठगोदाम के तत्वावधान में देवलढूँगा में एक शांतिपूर्ण मोमबत्ती मार्च एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, महिला नेत्रियां और स्थानीय नागरिक शामिल हुए, जिन्होंने मोमबत्तियां जलाकर अंकिता को श्रद्धांजलि अर्पित की और दोषियों को कठोर सजा देने की मांग की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मोहन बिष्ट ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में हल्द्वानी के माननीय विधायक सुमित हृदयेश उपस्थित रहे। इस अवसर पर विधायक सुमित हृदयेश ने कहा, “यह बेहद दुखद और पीड़ादायक है कि इतने लंबे समय बीत जाने के बाद भी अंकिता भंडारी हत्याकांड में शामिल कथित वीआईपी का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है। यह मामला केवल एक बेटी के साथ हुए अन्याय तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारी न्याय व्यवस्था की पारदर्शिता और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाता है।” उन्होंने आगे कहा कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आए और दोषियों को कठोरतम सजा मिले। हृदयेश ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि जब तक अंकिता को पूरा न्याय नहीं मिलेगा, कांग्रेस की यह लड़ाई जारी रहेगी।

ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मोहन बिष्ट ने अपने संबोधन में कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने की यह लड़ाई कांग्रेस पूरी ताकत से लड़ेगी। पार्टी कार्यकर्ता हर स्तर पर संघर्ष करते रहेंगे और इस मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाएंगे। महानगर कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह बिष्ट ने घोषणा की कि ऐसे श्रद्धांजलि एवं मोमबत्ती कार्यक्रम ब्लॉक स्तर पर निरंतर आयोजित किए जाएंगे, ताकि दोषियों पर कार्रवाई का दबाव बना रहे और जनता में यह आवाज गूंजती रहे।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे, जिनमें महानगर अध्यक्ष गोविंद सिंह बिष्ट, ब्लॉक अध्यक्ष मोहन बिष्ट, बहादुर बिष्ट, प्रदीप बिष्ट, मलय बिष्ट, प्रदीप कुमार, कुंदन बिष्ट, दीपा, ममता देवी, चंदा देवी, भागा देवी, कविता आर्य, मुमताज, संजय बिष्ट, किशन लाल, रंजीत डसीला, नीरज कुमार, विजय सिंह, हरीश लाल, यशपाल आर्य, रघुनाथ प्रसाद, मोना, गिरीश शर्मा, मयंक प्रसाद, अमन सिंह, हर्षित सिंह, केशव लाल, गोरी शंकर, बिहारी लाल, पियारे लाल, तबीज मियां, उद्दीत कठायत, संजय सिंह सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल थे। कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। 

बताते चलें कि अंकिता भंडारी हत्याकांड वर्ष 2022 का है, जिसमें रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में कार्यरत 19 वर्षीय अंकिता की हत्या कर दी गई थी। अदालत ने मई 2025 में रिसॉर्ट मालिक पुल्कित आर्य सहित तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। हालांकि, हाल के दिनों में कथित वीआईपी की संलिप्तता के नए आरोपों ने मामले को फिर से सुर्खियों में ला दिया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच में कोई वीआईपी शामिल नहीं पाया गया, जबकि विपक्षी दल कांग्रेस सहित अन्य संगठन सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। प्रदेशभर में देहरादून समेत कई जगहों पर प्रदर्शन हो रहे हैं, और यह मुद्दा उत्तराखंड की राजनीति में प्रमुख बनता जा रहा है।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह लड़ाई महिलाओं की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ी है, और वे इसे अंत तक लड़ेंगे।

 

 

 

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