नैनीताल।हिंदी न्यूज उत्थान मंच, हीरानगर (हल्द्वानी) में विगत कई दिनों से संचालित कुमाऊँनी संस्कृति के प्रतीक “उत्तरायणी मेला” (घुघुतिया त्यार) का समापन बड़े ही हर्षोल्लास और पारंपरिक उत्साह के साथ हुआ। समापन दिवस पर आयोजित भव्य शोभायात्रा में हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश ने प्रतिभाग कर शोभायात्रा में शामिल जनमानस का स्वागत एवं सत्कार किया।

इस अवसर पर सुमित हृदयेश ने कहा कि उत्तरायणी मेला और घुघुतिया त्यार हमारी लोक संस्कृति, परंपरा और पहचान का प्रतीक है। यह पर्व उत्तराखंड और विशेष रूप से हल्द्वानी के लोगों के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने सभी क्षेत्रवासियों को उत्तरायणी पर्व की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने उत्तरायणी मेले की शुरुआत वर्ष 1982 में करने वाले संस्थापक एवं संरक्षक स्व. चूफाल जी को श्रद्धापूर्वक याद करते हुए कहा कि भले ही आज वे हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके द्वारा शुरू की गई यह सांस्कृतिक परंपरा निरंतर आगे बढ़ रही है। हर वर्ष मेले की भव्यता और जनभागीदारी में वृद्धि होना इस बात का प्रमाण है कि कुमाऊँनी संस्कृति आज भी जीवंत है और नई पीढ़ी इसे आत्मसात कर रही है।

शोभायात्रा में विभिन्न प्रकार की मनमोहक और आकर्षक झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं, जिनमें कुमाऊँ की लोक संस्कृति, देवी-देवताओं, पारंपरिक वेशभूषा और लोक जीवन की सुंदर झलक देखने को मिली। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में गोल्ज्यू देवता के भक्तों ने सहभागिता की, जिनका आयोजकों द्वारा हृदय से आभार व्यक्त किया गया।
शोभायात्रा के स्वागत एवं सत्कार हेतु मार्ग में जगह-जगह की गई उत्कृष्ट व्यवस्थाओं के लिए व्यवस्थापक मंडली की भी सराहना की गई। आयोजन को सफल और यादगार बनाने में योगदान देने वाले पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच परिवार के सभी सम्मानित सदस्यों, कार्यकर्ताओं एवं सहयोगियों को विशेष धन्यवाद दिया गया।जनसहभागिता, अनुशासन और सांस्कृतिक उत्साह के साथ संपन्न हुई यह शोभायात्रा उत्तरायणी पर्व की गरिमा को और अधिक ऊंचाइयों तक ले गई।

