सनातन आस्था पर हमले के खिलाफ सड़कों पर उतरी कांग्रेस, हल्द्वानी में फूंका भाजपा सरकार का पुतला

नैनीताल/हल्द्वानी। हिंदी न्यूज ,बनारस और दिल्ली में वर्षों पुराने ऐतिहासिक मंदिरों एवं देवी-देवताओं की मूर्तियों को तोड़े जाने की घटनाओं के विरोध में शनिवार को कांग्रेस पार्टी ने हल्द्वानी में जोरदार प्रदर्शन किया। बुद्ध पार्क, हल्द्वानी में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार का पुतला दहन कर आक्रोश व्यक्त किया। कार्यक्रम का नेतृत्व हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश ने किया।

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि सनातन परंपरा के प्रतीक मंदिर और देवी-देवताओं की मूर्तियाँ केवल पूजा-स्थल नहीं हैं, बल्कि भारत की हजारों वर्षों पुरानी सांस्कृतिक चेतना, आस्था और सभ्यता की आत्मा हैं। उन्होंने कहा कि काशी स्थित मणिकर्णिका घाट सनातन धर्म का अत्यंत पवित्र स्थल है, जहाँ यह मान्यता है कि अंत्येष्टि होने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है। यह घाट केवल एक भौगोलिक स्थान नहीं, बल्कि पुराणों में वर्णित सनातन परंपरा और धार्मिक चेतना का जीवंत प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसे पावन स्थल के आसपास स्थित प्राचीन मंदिरों एवं उनमें स्थापित देवी-देवताओं की मूर्तियों को जेसीबी मशीनों से तोड़ा गया। यह कृत्य सनातन धर्म की घोर अवहेलना है और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर गहरी चोट है। सुमित हृदयेश ने आरोप लगाया कि तथाकथित “कॉरिडोर” के नाम पर धार्मिक स्थलों और सनातन प्रतीकों को नुकसान पहुँचाना भाजपा सरकार की आस्था-विरोधी मानसिकता को उजागर करता है।

इस अवसर पर उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि काशी जैसे पवित्र और ऐतिहासिक धार्मिक स्थल में मंदिरों एवं मूर्तियों को तोड़ा जाना अत्यंत शर्मनाक और निंदनीय है। काशी केवल एक शहर नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र है। वहाँ इस प्रकार की घटनाएँ यह दर्शाती हैं कि भाजपा शासन में सनातन धर्म और उसकी आस्थाएँ सुरक्षित नहीं हैं।

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने दिल्ली के ऐतिहासिक झंडेवाला मंदिर को तोड़े जाने की घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल एक मंदिर को नुकसान पहुँचाने का मामला नहीं है, बल्कि देश की सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक आस्था पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि जब देश की राजधानी में ही धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो पा रही है, तो यह सरकार की नाकामी और उसके दोहरे चरित्र को उजागर करता है।

पुतला दहन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा कि धार्मिक स्थलों और सनातन आस्था के प्रतीकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है, लेकिन भाजपा सरकार इस जिम्मेदारी को निभाने में पूरी तरह विफल रही है। प्रदर्शनकारियों ने दोषी अधिकारियों और असामाजिक तत्वों की तत्काल पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की। साथ ही भविष्य में मंदिरों और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए ठोस, प्रभावी और स्थायी व्यवस्था लागू किए जाने की भी मांग की गई।

पुतला दहन कार्यक्रम में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता हरीश मेहता, सतीश नैनवाल, हेमंत बगड़वाल, प्रकाश पांडे, हरेंद्र बोरा, एन.बी. गुणवंत, सुहैल सिद्दीकी, नंदन दुर्गापाल, खजान पांडे, मलय बिष्ट, बहादुर बिष्ट, मयंक भट्ट, हेमंत साहू, प्रदीप नेगी, पार्षद भागीरथी बिष्ट, कमला सनवाल, रेनू तोमर, गीता बहुगुणा, अलका आर्य, भगवती जोशी, पुष्पा सम्मल, योगेश जोशी, रवि जोशी, मोहम्मद गुफरान, ब्लॉक अध्यक्ष मोहन बिष्ट, जाकिर हुसैन, गोविंद बिष्ट, हेमंत पाठक, हिमांशु जोशी सहित सैकड़ों कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चेतावनी दी कि यदि धार्मिक स्थलों और आस्था के प्रतीकों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो कांग्रेस आंदोलन को और तेज करेगी।

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