“चारा काटने की मशीन ने छीना था हाथ का सहारा, लेकिन डॉ. सारिका गंगवार की 5 घंटे की माइक्रो सर्जरी ने बचाई एक महिला की पूरी दुनिया”
नैनीताल/हल्द्वानी ।हिंदी न्यूज, जीवन की सबसे कीमती चीजें कभी-कभी सेकंडों में छिन जाती हैं। खेतों में काम करती एक मेहनती महिला का हाथ चारा काटने की मशीन में फंस गया। एक भयानक चीख खून की धार और फिर… पूरा अंगूठा कटकर अलग। दर्द से कराहती महिला, स्तब्ध परिवार और आँखों में बस एक सवाल क्या अब कभी हाथ पहले जैसा होगा? क्या रोज़ की छोटी-छोटी खुशियाँ हमेशा के लिए खो गईं?
परिवार ने कटे अंगूठे को बर्फ में लपेटा और उम्मीद की आखिरी किरण थामे हल्द्वानी के एक-एक अस्पताल के दरवाजे खटखटाए। लेकिन हर जगह निराशा ही मिली। डॉक्टरों का एक ही जवाब“समय बीत चुका है, अब जोड़ना असंभव है।” 6 घंटे बीत चुके थे। उम्मीदें टूट रही थीं, आँसू थम नहीं रहे थे।तब किसी ने सुझाया चंदन हॉस्पिटल, हल्द्वानी आखिरी उम्मीद लेकर मरीज वहाँ पहुँची। और वहाँ सब कुछ बदल गया।

यहाँ मरीज को सिर्फ़ केस नहीं, एक जीती-जागता इंसान समझा गया। समय की कोई कीमत नहीं लगाई गई। डॉक्टरों की टीम ने तुरंत ऑपरेशन थिएटर में भर्ती किया। वरिष्ठ प्लास्टिक एवं रिकंस्ट्रक्टिव सर्जन डॉ. सारिका गंगवार के नेतृत्व में विशेषज्ञों ने रात के सन्नाटे में 5 घंटे तक लगातार जटिल माइक्रो सर्जरी की। सूक्ष्मतम नसें, धमनियाँ, ऊतक,सब कुछ इतनी बारीकी से जोड़ा गया कि जो कई जगहों पर नामुमकिन था, वह यहाँ संभव हो गया।
सर्जरी सफल रही। अंगूठा फिर से जीवित हो उठा। रक्त संचार बहाल हुआ। महिला की आँखों में पहले डर था, अब आँसू खुशी के थे। परिवार के चेहरे पर मुस्कान लौट आई। एक माँ, एक बहन, एक पत्नी उसकी जिंदगी, आत्मसम्मान और भविष्य बच गया।

डॉ. सारिका गंगवार ने कहा, “हर सेकंड मायने रखता है। माइक्रोसर्जरी में अनुभव, धैर्य और टीमवर्क से असंभव को संभव बनाया जा सकता है। हमने न सिर्फ़ अंग जोड़ा, बल्कि एक परिवार की टूटी उम्मीदों को फिर से जोड़ा।”
डा़ँ सारिका ने आगे बताया कि हमारे अस्पताल मे प्लास्टिक एवं रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी में अग्रणी है। जहां उपलब्ध प्रमुख सुविधाएँ है जिसमें री-अटैचमेंट सर्जरी , कटे हाथ, पैर, उंगलियों को जोड़ना,उन्नत माइक्रोसर्जरी , जटिलतम मामलों के लिए ट्रॉमा एवं दुर्घटना रिकंस्ट्रक्शन,हैंड सर्जरी , हाथ की विशेषज्ञता,बर्न रिकंस्ट्रक्शन , जलने के घावों का उन्नत इलाज,कॉस्मेटिक एवं एस्थेटिक सर्जरी,जन्मजात विकृतियों का सुधार आदि।
यह कहानी सिर्फ़ एक मेडिकल सफलता की नहीं है। यह भरोसे की, इंसानियत की और समय पर सही फैसले की जीत है। जब इलाज के साथ संवेदना और समर्पण जुड़ जाए, तो चंदन हॉस्पिटल जैसी जगहें चमत्कार रचती हैं।
चंदन हॉस्पिटल, हल्द्वानी जहाँ जीवन फिर से रंग भरता है। जहाँ हर मरीज को नई जिंदगी मिलती है। यदि आपके आसपास कोई ऐसा हादसा हो या ऐसी जरूरत हो, तो समय गँवाए बिना संपर्क करें। क्योंकि समय ही सबसे बड़ा डॉक्टर है,और चंदन हॉस्पिटल उसे बर्बाद नहीं होने देता।
