देहरादून/चमोली। हिंदी न्यूज़ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को आपदा प्रबंधन से जुड़ी एक अहम बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अतिवृष्टि और प्राकृतिक आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का सबसे पहला दायित्व प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया बेहद जरूरी है। प्रशासनिक मशीनरी हर स्तर पर अलर्ट रहे और प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत राहत सामग्री तथा सहायता पहुँचाई जाए। उन्होंने जोर दिया कि लोगों की जान बचाने और नुकसान को न्यूनतम रखने के लिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इन्हीं निर्देशों के क्रम में चमोली जनपद के नंदानगर क्षेत्र में प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए बड़ी राहत की कार्रवाई की। लगातार हो रही बारिश के बीच जब क्षेत्र में भूस्खलन की आशंका बनी तो प्रशासन ने सक्रियता दिखाते हुए लगभग 15 से 20 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया। समय रहते की गई इस कार्रवाई से संभावित जनहानि टल गई।
स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को अस्थायी राहत शिविरों में ठहराने की व्यवस्था की है। साथ ही भोजन, पानी और चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिलाधिकारी चमोली ने बताया कि मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में निरंतर निगरानी रखी जा रही है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार आपदा प्रभावित क्षेत्रों पर पूरी तरह नज़र बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त बचाव दल भी भेजे जाएंगे। उन्होंने जनता से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई की स्थानीय लोग भी सराहना कर रहे हैं। उनका कहना है कि समय रहते उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाना बड़ी राहत है।