♦देहरादून,हिंदी न्यूज़ ,उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को दून मेडिकल कॉलेज, देहरादून में एक भव्य समारोह में 1,456 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित 109 समीक्षा अधिकारी एवं सहायक समीक्षा अधिकारी तथा उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से चयनित 1,347 सहायक अध्यापक (एल.टी.) शामिल थे। मुख्यमंत्री ने नव नियुक्त कार्मिकों को बधाई देते हुए इसे उनके जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव और राज्य के उज्ज्वल भविष्य की नींव बताया। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, विधायक विनोद चमोली, सचिव रविनाथ रामन, दीपेंद्र चौधरी तथा शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह अवसर न केवल व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि राज्य के विकास में योगदान देने का माध्यम भी है। उन्होंने नवनियुक्त अधिकारियों और शिक्षकों से अपील की कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और समर्पण के साथ करें तथा अपने कार्यक्षेत्र में उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित करें।

उन्होंने प्रशासनिक तंत्र की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा, “किसी भी राज्य की शासन व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण आधार उसका प्रशासनिक तंत्र होता है। सचिवालय को राज्य की शासन व्यवस्था का मस्तिष्क कह सकते हैं, क्योंकि यहीं पर नीतियां बनती हैं, निर्णय लिए जाते हैं और विकास परियोजनाओं को धरातल पर उतारने का खाका तैयार किया जाता है। इस पूरी व्यवस्था को प्रभावी बनाने में समीक्षा अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।”
शिक्षकों के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि अच्छी शिक्षा न केवल बच्चे के जीवन को बेहतर बनाती है, बल्कि समाज और देश के लिए अमूल्य योगदान देती है। “शिक्षक का कर्तव्य है कि वह बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के साथ ही उनके भीतर समाज और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना का भी संचार करें, जिससे वे अच्छे नागरिक बन सकें,
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने बताया कि विद्यालयों के इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर डिजिटलाइजेशन तक हर स्तर पर व्यापक सुधार किए जा रहे हैं। भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।

पिछले चार वर्षों में राज्य में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियों में नियुक्त किया गया है, जो राज्य गठन के बाद पूर्ववर्ती सरकारों के कुल कार्यकाल से दोगुना से अधिक है। “आज हमारे युवा पारदर्शी व्यवस्था और मेरिट के आधार पर अवसर पा रहे हैं,” धामी ने कहा। उन्होंने हाल ही में हरिद्वार के एक परीक्षा केंद्र पर नकल प्रकरण का जिक्र करते हुए बताया कि सरकार ने त्वरित कार्रवाई की, आरोपी को गिरफ्तार किया और जांच के लिए एसआईटी गठित की। युवाओं की मांग पर सीबीआई जांच की संस्तुति दी गई और पेपर निरस्त किया गया। मुख्यमंत्री ने स्वयं धरनास्थल पर जाकर युवाओं की न्यायोचित मांगें मानीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि शिक्षा विभाग में नियुक्तियों का क्रम जारी रहेगा। जल्द ही बीआरपी, सीआरपी, बेसिक अध्यापकों और चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की नियुक्तियां की जाएंगी। उन्होंने नव नियुक्त अध्यापकों से कहा कि सभी को दुर्गम क्षेत्रों में पोस्टिंग दी जा रही है और कुछ वर्षों तक अनिवार्य रूप से वहां सेवाएं देनी होंगी। “यह चुनौतीपूर्ण है, लेकिन राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा की रोशनी पहुंचाने का अवसर भी।
समारोह में राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने भाजपा की नीतियों की सराहना की और कहा कि यह नियुक्तियां मोदी सरकार की ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना को दर्शाती हैं। विधायक विनोद चमोली ने स्थानीय स्तर पर शिक्षा और प्रशासन के सुधारों पर चर्चा की। सचिव रविनाथ रामन और दीपेंद्र चौधरी ने प्रशासनिक तैयारियों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री धामी ने अंत में कहा कि राज्य युवाओं के सपनों को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास करेगा, जिससे उत्तराखंड एक मजबूत और समृद्ध राज्य बने।यह कार्यक्रम ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया, जहां नव नियुक्तियों ने उत्साह के साथ शपथ ली। राज्य सरकार की यह पहल बेरोजगारी कम करने और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

