रामनगर (उत्तराखंड),हिंदी न्यूज,रामनगर के व्यापार भवन में रविवार को विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों की एक संयुक्त बैठक आयोजित की गई, जिसमें 23 अक्टूबर को बैल पड़ाव एवं छोई क्षेत्र में बड़े का मीट लेकर आ रहे वाहन चालक नासिर और उनके साथियों पर कथित माब लिंचिंग के प्रयास के मामले में त्वरित न्यायिक और प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की गई। बैठक में मुख्य रूप से भाजपा समर्थित गुंडा तत्वों की गिरफ्तारी, लगातार हेट स्पीच फैला रहे भाजपा नेता मदन जोशी व अन्य के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए कानूनी कार्रवाई, तथा घायल वाहन चालक नासिर को 10 लाख रुपये का मुआवजा प्रदान करने की मांग उठाई गई।
बैठक की अध्यक्षता समाजवादी लोक मंच के नेता गिरीश चंद्र ने की, जबकि संचालन जिशान कुरेशी ने किया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि माब लिंचिंग प्रयास का मुख्य आरोपी मदन जोशी को बचाने के लिए समूची भाजपा एकजुट होकर कानून-व्यवस्था के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। “अपराधी तत्वों को सबक सिखाने के लिए हम जन आंदोलन चलाएंगे और साथ ही न्यायालय में मजबूत पैरवी भी जारी रखेंगे,” एक वक्ता ने जोर देकर कहा।
वक्ताओं ने विश्वास जताया कि न्यायपालिका इस मामले में पीड़ितों को न्याय प्रदान करेगी। विशेष रूप से 17 नवंबर को माननीय उच्च न्यायालय में सुनवाई होने वाली याचिका पर जनता के पक्ष में फैसला आने की उम्मीद व्यक्त की गई। बैठक में यह भी उल्लेख किया गया कि घटना के समय वाहन चालक नासिर गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिन्हें तत्काल मुआवजे की जरूरत है ताकि उनका इलाज और पुनर्वास हो सके।
बैठक में हालिया राष्ट्रीय घटना पर भी चर्चा हुई। विगत 10 नवंबर को दिल्ली में हुए बम ब्लास्ट की कड़े शब्दों में निंदा की गई। वक्ताओं ने इसे आतंकवाद की घिनौनी साजिश करार देते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं समाज में भय और अस्थिरता पैदा करती हैं। सभी मृतकों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की गई। राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के लिए हमें ऐसी घटनाओं के खिलाफ एकजुट होना होगा,
बैठक में समाजवादी लोक मंच के गिरीश चंद्र, किशन शर्मा, जिशान कुरेशी, मौ. अखलाक, दानिश सैफी, आदिल खान, खुर्शीद; इंकलाबी मजदूर केंद्र के कमल वर्मा; उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के मौ. आसिफ सहित दर्जनों सामाजिक कार्यकर्ता, राजनीतिक नेता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। बैठक शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई और आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया।
यह बैठक रामनगर क्षेत्र में बढ़ती सांप्रदायिक तनाव और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जाहिर करती है। स्थानीय प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि वह मांगों पर शीघ्र ध्यान दे और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करे। मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर को उच्च न्यायालय में होने से क्षेत्र में उत्सुकता बनी हुई है।
