नई दिल्ली।हिंदी न्यूज़ ,आज राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित ऐतिहासिक “वोट चोर – गद्दी छोड़” महारैली में देशभर से लाखों लोगों ने सहभागिता कर लोकतंत्र की रक्षा और जनआवाज़ को बुलंद करने का संदेश दिया। इस विशाल जनसमूह की उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया कि जनता अब अन्याय, तानाशाही और जनमत की अवहेलना के विरुद्ध एकजुट होकर खड़ी है।

महारैली में उत्तराखंड के हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि यह रैली केवल किसी एक दल या नेता का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा, संविधान की गरिमा और आम जनता के अधिकारों के लिए एक सशक्त जनआंदोलन है। उन्होंने बताया कि देश के कोने-कोने से आए लाखों नागरिकों की मौजूदगी यह दर्शाती है कि जनता अब अपने मत और अधिकारों के साथ किसी भी तरह का समझौता करने को तैयार नहीं है।

सुमित हृदयेश ने कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत जनता होती है और जब जनता की आवाज़ को दबाने का प्रयास किया जाता है, तब ऐसे जनआंदोलनों की आवश्यकता और अधिक बढ़ जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा हालात में जनमत की अनदेखी की जा रही है, जिसके खिलाफ यह महारैली एक मजबूत और स्पष्ट संदेश है।

महारैली के दौरान लोकतंत्र, संविधान और नागरिक अधिकारों के समर्थन में नारे लगाए गए। वक्ताओं ने कहा कि यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक जनता की आवाज़ को उसका पूरा सम्मान नहीं मिलेगा और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने वाले प्रयास पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाते।

अंत में, उपस्थित जनसमूह ने एक स्वर में संकल्प लिया कि लोकतंत्र की रक्षा, संविधान की मर्यादा और जनता के अधिकारों के लिए यह संघर्ष निरंतर और शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा, चाहे इसके लिए कितनी भी लंबी लड़ाई क्यों न लड़नी पड़े।
