रामनगर (नैनीताल) हिंदी न्यूज नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. मंजुनाथ टीसी के सख्त रुख और सटीक रणनीति से रामनगर क्षेत्र में हुई दो सनसनीखेज चोरी की घटनाओं का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। इन मामलों में कुल 30 लाख रुपये से अधिक के सोने के आभूषण व बिस्किट तथा 12 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। एक मामले में शातिर चोर को गिरफ्तार किया गया, जबकि दूसरे मामले में मध्य प्रदेश के कुख्यात सांसी गैंग के दो सदस्यों की पहचान कर उनके ठिकाने से माल बरामद किया गया।

“पहला मामला: लखनपुर रामनगर में घरेलू चोरी, 30 लाख का सोना बरामद”
रामनगर थाना क्षेत्र के लखनपुर निवासी श्रीमती सुमन पत्नी नरेंद्र ने 15 दिसंबर को थाने में लिखित तहरीर दी कि वे 8 दिसंबर को दिल्ली गई थीं और 11 दिसंबर को लौटने पर घर से दो सोने के कड़े, दो चूड़ियां और दो सोने के बिस्किट गायब मिले। इस तहरीर पर थाना रामनगर में एफआईआर कर बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टीसी के निर्देशन में एसपी हल्द्वानी मनोज कत्याल के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी रामनगर सुमित पांडेय के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक सुशील कुमार के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज और सुरागरसी के आधार पर 16 दिसंबर को चोरपानी रेलवे भूमि के पास से मुख्य आरोपी नवदीप शर्मा पुत्र अनुज शर्मा (निवासी पीरूमदारा, रामनगर) को गिरफ्तार किया। साथ ही एक विधि विवादित किशोर को संरक्षण में लिया गया।
आरोपियों के कब्जे से बरामद माल की शिनाख्त पीड़िता से कराई गई, जिसमें दो कड़े,दो चूड़ियांदो, सोने के बिस्किट जिसकी किमत लगभग 30 लाख रुपये बताई जा रही हैं।
इस सफलता के लिए पुलिस टीम में वरिष्ठ उपनिरिक्षक महेंद्र प्रसाद,वरिष्ठ उपनिरिक्षक दीपक बिष्ट, उपनिरिक्षक धर्मेंद्र कुमार, हेडकास्टेबल तालिब हुसैन, कानि संजय कुमार, संजय सिंह और महबूब आलम शामिल रहे।

दूसरा मामला: टियारा रिसोर्ट में शादी समारोह के दौरान चोरी, सांसी गैंग का पर्दाफाश
दूसरी घटना 3 नवंबर की है, जब उत्तर प्रदेश के संभल जिले के निवासी विकास अग्रवाल की बेटी की शादी रामनगर के प्रतिष्ठित टियारा रिसोर्ट में हो रही थी। समारोह में करीब 300 मेहमान शामिल थे। इस दौरान एक बैग में रखे सोने के आभूषण, नकदी और मोबाइल फोन चोरी हो गए। पीड़ित ने 13 नवंबर को कोतवाली रामनगर में एफआईआर दर्ज कराई गई हैं।
एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष टीम गठित की। टीम ने रिसोर्ट के कर्मचारियों का सत्यापन, सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिसमें दो संदिग्ध व्यक्ति नजर आए। जांच में पता चला कि ये मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के सांसी गैंग से जुड़े हैं।
आरोपी कुणाल पुत्र जितेंद्र और अभिवन पुत्र विकास (दोनों निवासी कढियासासी, थाना बोड़ा) मध्य प्रदेश में एक प्राइमरी स्कूल में चोरी का माल बांट रहे थे। पुलिस की दबिश पर दोनों जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए, लेकिन मौके से बैग बरामद कर लिया गया।सांसी यह गैंग कई राज्यों में सक्रिय है और बड़े रिसोर्ट्स में शादी समारोहों में बिन बुलाए मेहमान बनकर घुसता है, फिर मौका पाकर नकदी और आभूषण चुराकर फरार हो जाता है।बरामद माल मे12 लाख रुपये नकद,एक अंगूठी और एक जोड़ी कान की बालियां
पुलिस टीम में उपनिरिक्षक धर्मेंद्र कुमार, कास्टेबल विनीत चौहान, भूपेंद्र सिंह, हेड कास्टेबल इसरार नवी, कास्टेबल संतोष बिष्ट (एसओजी) और राजेश बिष्ट (एसओजी) शामिल रहे।
एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी ने दोनों मामलों के सफल अनावरण पर पुलिस टीमों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी और जनता से अपराध संबंधी सूचना साझा करने की अपील की है।
