हल्द्वानी, हिंदी न्यूज। उत्तराखंड के हल्द्वानी में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने केंद्र सरकार की मनरेगा योजना में प्रस्तावित बदलावों पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलना और अन्य बदलाव राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों व योगदान का खुला अपमान है। हृदयेश ने इसे गरीबों, मजदूरों और ग्रामीणों के खिलाफ जनविरोधी कदम करार दिया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में हृदयेश ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण भारत की जीवनरेखा है, जो करोड़ों गरीब परिवारों को रोजगार की गारंटी देती है। केंद्र सरकार द्वारा योजना का नाम बदलकर ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ या संक्षेप में VB-G RAM G करने का प्रस्ताव महात्मा गांधी की विरासत को मिटाने की कोशिश है। उन्होंने सवाल उठाया कि गांधीजी के नाम से क्या समस्या है जो इसे हटाया जा रहा है?
विधायक ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रस्तावित बदलावों में रोजगार के दिनों को प्रभावी रूप से कम करने की मंशा छिपी है। हालांकि सरकार 100 दिनों को बढ़ाकर 125 दिन करने का दावा कर रही है, लेकिन पीक कृषि सीजन में 60 दिनों तक काम रोकने का प्रावधान जोड़ा जा रहा है, जिससे वास्तविक रोजगार अवसर घटेंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी, भुखमरी और आर्थिक असुरक्षा बढ़ेगी।
हृदयेश ने आगे कहा कि पहले मनरेगा के कार्यों की सिफारिश ग्राम प्रधान और ग्राम सभा करती थी, जो स्थानीय जरूरतों पर आधारित होती थी। अब केंद्र सरकार दिल्ली से कार्यों को नियंत्रित करने की योजना बना रही है, जिससे पंचायती राज व्यवस्था कमजोर होगी और ग्रामीण आत्मनिर्भरता को झटका लगेगा। उन्होंने इसे पहाड़ी क्षेत्रों से पलायन बढ़ाने की साजिश बताया और कहा कि यह योजना पलायन रोकने की बजाय इसे तेज करने वाली बन रही है।
कांग्रेस विधायक ने फंडिंग पैटर्न में बदलाव पर भी निशाना साधा। वर्तमान में केंद्र सरकार मजदूरी का पूरा खर्च वहन करती है, लेकिन नए प्रस्ताव में इसे 60:40 (केंद्र:राज्य) करने से राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। इससे योजना का प्रभावी क्रियान्वयन मुश्किल हो जाएगा और इसका खामियाजा गरीब जनता भुगतेगी।
हृदयेश ने भाजपा को खुली चुनौती दी कि कांग्रेस मनरेगा सहित सभी जनहित के मुद्दों पर तथ्यों के आधार पर बहस करने को तैयार है। उन्होंने हल्द्वानी प्रशासन पर भी हमला बोला और कहा कि शहर में अनावश्यक लाल निशान लगाकर आम नागरिकों में भय का माहौल पैदा किया जा रहा है, जो जनहित से ज्यादा बजट खर्च करने की मानसिकता दिखाता है।
अंत में विधायक ने जनता से अपील की कि वे अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट हों और जनविरोधी नीतियों का विरोध करें।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में महानगर कांग्रेस कमेटी हल्द्वानी के अध्यक्ष गोविंद सिंह बिष्ट, महिला कांग्रेस अध्यक्ष मधु सांगुड़ी, शोभा बिष्ट, हेमंत बगड़वाल, एन. बी. गुणवंत, हरीश मेहता, सुहैल अहमद सिद्दीकी, जाकिर हुसैन सहित कई कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
यह प्रेस कॉन्फ्रेंस ऐसे समय में हुई जब केंद्र सरकार मनरेगा को नए रूप देने की तैयारी कर रही है। विपक्षी दल इसे गांधीजी की विरासत पर हमला बता रहे हैं, जबकि सरकार का दावा है कि बदलाव ग्रामीण विकास को मजबूत बनाएंगे।
