“हल्द्वानी में हाई-रिस्क गर्भावस्था का सफल इलाज, चिकित्सा सेवा पर फिर कायम हुआ भरोसा”
नैनीताल/हल्द्वानी।हिंदी न्यूज। कभी-कभी ज़िंदगी ऐसे मोड़ पर ला खड़ी होती है जहाँ डर सबसे बड़ा सच बन जाता है । माँ की साँसें थमी-सी हों, परिवार की आँखों में अनकहा भय हो और हर सवाल का जवाब सिर्फ़ खामोशी लगे। ऐसे ही हालातों में चंदन हॉस्पिटल, हल्द्वानी ने एक परिवार को न सिर्फ़ राहत दी, बल्कि माँ और नवजात दोनों को सुरक्षित भविष्य भी दिया।
38 सप्ताह 5 दिन की गर्भवती नीरू पहले ही एक सी-सेक्शन से गुजर चुकी थीं। इस बार स्थिति और भी गंभीर थी।उन्हें मॉडरेट पल्मोनरी आर्टेरियल हाइपरटेंशन (PAH) जैसी खतरनाक हृदय बीमारी थी। गर्भावस्था के दौरान नियमित जाँच समय पर न हो पाने के कारण प्रसव के समय जोखिम जानलेवा हो गया। सांस फूलना, घबराहट और ईसीजी में बदलाव के साथ परिजन उन्हें कई अस्पतालों में ले गए, लेकिन हालत देखकर अधिकांश जगहों से इलाज से इनकार कर दिया गया।
बीते अनुभव डराने वाले थे,पूर्व ऑपरेशन में उन्हें 19 यूनिट से अधिक ब्लड और ब्लड प्रोडक्ट्स चढ़ाने पड़े थे। यह आँकड़ा ही बता देता है कि मामला कितना नाज़ुक था।
“भरोसे की पहली किरण ऑपरेशन नहीं, जीवन रक्षक प्रयास”
जब उम्मीद लगभग टूट चुकी थी, तब मरीज को चंदन हॉस्पिटल हल्द्वानी लाया गया। यहाँ डर नहीं, निर्णय लिया गया। वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अलका राय के नेतृत्व में एनेस्थीसिया, कार्डियोलॉजी और आईसीयू विशेषज्ञों की टीम ने एकजुट होकर केस का सूक्ष्म मूल्यांकन किया ।हर खतरे को समझते हुए, माँ और बच्चे दोनों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखा गया।
07 जनवरी को उच्च स्तरीय निगरानी और सभी आवश्यक सावधानियों के साथ सी,सेक्शन किया गया। उच्च जोखिम के बावजूद ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा और एक स्वस्थ शिशु ने जन्म लिया। ऑपरेशन थिएटर के बाहर इंतज़ार कर रहे परिजनों की आँखों में आँसू थे,लेकिन इस बार खुशी के।
ऑपरेशन के बाद माँ को आईसीयू में कड़ी निगरानी में रखा गया। हर बीतते दिन के साथ उनकी हालत बेहतर होती गई।सामान्य भोजन, स्वस्थ टांके और संतोषजनक रिपोर्ट्स के बाद 10 जनवरी को उन्हें पूरी तरह स्थिर अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।परिजनों ने भावुक होकर बताया कि चंदन हॉस्पिटल में डॉक्टर और नर्स केवल इलाज नहीं करते, बल्कि भरोसा देते हैं। साफ-सुथरा वातावरण, अनुशासित व्यवस्था और किफायती इलाज ने उन्हें यह एहसास दिलाया कि सही जगह पर सही समय पर पहुँचना ही सबसे बड़ा इलाज है।

चंदन हॉस्पिटल की वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अलका राय ने हल्द्वानी आमजन से अपील करते हुए कहा की गर्भावस्था कोई साधारण अवस्था नहीं, बल्कि निरंतर देखभाल की ज़रूरत होती है।सांस फूलना, घबराहट, सीने में दर्द या हृदय से जुड़ी कोई भी परेशानी दिखे तो देर न करें। समय पर जाँच और सही निर्णय माँ और बच्चे दोनों की ज़िंदगी बचा सकता है। और जहाँ चिकित्सा नहीं, इंसानियत पहले आती है।
