हल्द्वानी, विशेष संवाददाता ,हिंदी न्यूज।केंद्रीय वित्त मंत्री माननीय श्रीमती निर्मला सीतारमण जी ने आज संसद में लगातार नौवीं बार आम बजट प्रस्तुत किया। बजट 2026 में जहां प्रत्यक्ष कर यानी इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया, वहीं GST (अप्रत्यक्ष कर) व्यवस्था को अधिक सरल, पारदर्शी और व्यापार-अनुकूल बनाने के लिए कई संतोषजनक और सराहनीय कदम उठाए गए हैं।
कर विशेषज्ञ एवं लीगल ऐड सोसाइटी के सचिव अजहर अली (अधिवक्ता) ने बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव न होने से आम करदाताओं को कुछ हद तक निराशा जरूर हुई है, लेकिन 1 अप्रैल 2026 से नया इनकम टैक्स कानून लागू होने की घोषणा भविष्य में बड़े सुधारों का संकेत देती है।
उन्होंने कहा कि GST के मोर्चे पर यह बजट राहत देने वाला साबित हुआ है। जूते, चमड़ा और कपड़ों सहित कई रोजमर्रा की वस्तुओं के सस्ते होने से आम उपभोक्ताओं को सीधा फायदा मिलेगा। इससे महंगाई पर भी कुछ हद तक नियंत्रण देखने को मिल सकता है।
अजहर अली ने बजट की एक महत्वपूर्ण विशेषता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अब सप्लायर की गलती पर सीधे बायर को दोषी नहीं ठहराया जाएगा, जो व्यापारिक दृष्टि से एक अत्यंत व्यावहारिक और सराहनीय निर्णय है। इससे ईमानदार व्यापारियों को अनावश्यक परेशानियों से राहत मिलेगी।
बजट 2026 में सरकार ने Input Tax Credit (ITC) और GST रिफंड से जुड़े नियमों को स्पष्ट और सरल करने पर विशेष जोर दिया है। इससे छोटे व्यापारियों और MSME सेक्टर को बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि लंबे समय से ITC और रिफंड की जटिल प्रक्रियाएं व्यापार में बाधा बन रही थीं।
इसके साथ ही GST में छोटी-छोटी तकनीकी त्रुटियों पर पेनाल्टी न लगाने, तथा गलती से रद्द हुए GST पंजीकरण को दोबारा सक्रिय करने की प्रक्रिया को आसान बनाए जाने का निर्णय भी व्यापार जगत के लिए सकारात्मक संकेत है।

अजहर अली ने कहा कि इस बजट में ईमानदार करदाताओं को सुविधा देने और फर्जीवाड़े पर सख्ती करने का संतुलित प्रयास दिखाई देता है। इससे कर प्रणाली में विश्वास बढ़ेगा और स्वैच्छिक अनुपालन को प्रोत्साहन मिलेगा।
कुल मिलाकर, बजट 2026 को GST सुधारों और व्यापारिक सुगमता की दृष्टि से संतोषजनक और सकारात्मक बजट बताया जा सकता है, जिससे आने वाले समय में व्यापारी वर्ग, MSME और आम उपभोक्ताओं को निश्चित रूप से लाभ मिलेगा।
