फतेहपुर में बाघ का आतंक: पीपल पोखरा की महिला की दर्दनाक मौत, वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

नैनीताल,हल्द्वानी/फतेहपुर। हिंदी न्यूज। गांधी आश्रम फतेहपुर क्षेत्र के ग्राम पीपल पोखरा नंबर एक में गुरुवार को बाघ के हमले में एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई। मृतका की पहचान गंगा देवी (पत्नी  प्रेम भारती) के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है, वहीं ग्रामीणों में वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गंगा देवी घर के निकटवर्ती क्षेत्र में दैनिक कार्य के लिए गई थीं, तभी घात लगाए बैठे बाघ ने उन पर हमला कर दिया। आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाकर बाघ को भगाने की कोशिश की, लेकिन तब तक महिला गंभीर रूप से घायल हो चुकी थीं। उपचार से पहले ही उनकी मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

इस घटना को लेकर कांग्रेस पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता नीरज तिवारी ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे अत्यंत दुःखद और हृदयविदारक बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक परिवार की अपूरणीय क्षति नहीं है, बल्कि वन विभाग की घोर लापरवाही और सरकार में बैठे जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता को भी उजागर करती है। उन्होंने शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

नीरज तिवारी ने गंभीर तथ्य की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि इसी वन क्षेत्र में पूर्व में भी बाघ और गुलदार के हमलों में सात लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद वन विभाग द्वारा कोई ठोस, प्रभावी और स्थायी कदम नहीं उठाए गए। लगातार हो रही घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि विभाग ने पूर्व की त्रासदियों से कोई सबक नहीं लिया और ग्रामीणों की सुरक्षा को प्राथमिकता नहीं दी।

उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में वन्यजीवों की गतिविधियों की लगातार मिल रही सूचनाओं के बावजूद न तो प्रभावी गश्त बढ़ाई गई और न ही सुदृढ़ निगरानी तंत्र स्थापित किया गया। यदि समय रहते गंभीर और ठोस कार्रवाई की गई होती, तो संभवतः एक और परिवार उजड़ने से बचाया जा सकता था।

प्रदेश प्रवक्ता ने मांग की कि पीड़ित परिवार को तत्काल उचित एवं पर्याप्त मुआवजा प्रदान किया जाए। साथ ही प्रभावित क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर नियमित गश्त बढ़ाई जाए और यदि संबंधित बाघ/गुलदार को आदमखोर या खूंखार घोषित करने की स्थिति बनती है, तो आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे पकड़ने अथवा मार गिराने का आदेश शीघ्र जारी किया जाए।

घटना के बाद गांव में भय और असुरक्षा का वातावरण बना हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था, वन क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और वन्यजीवों की आवाजाही पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक स्थायी समाधान नहीं निकलेगा, तब तक क्षेत्र में जनजीवन सामान्य नहीं हो पाएगा।

जनहित और ग्रामीणों की सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए नीरज तिवारी ने सरकार और संबंधित विभागों से संवेदनशीलता, तत्परता और जवाबदेही के साथ स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी हृदयविदारक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और क्षेत्रवासियों में सुरक्षा का विश्वास बहाल हो सके।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!
Call Now Button