नैनीताल/हल्द्वानी।हिंदी न्यूज। प्रदेश सरकार की कथित जनविरोधी नीतियों के विरोध में कांग्रेस ने 16 फरवरी को प्रस्तावित “राजभवन घेराव” कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में कांग्रेस भवन, स्वराज आश्रम हल्द्वानी में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें आंदोलन की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में संगठनात्मक तैयारियों, कार्यकर्ताओं की अधिकतम भागीदारी, परिवहन व्यवस्था, अनुशासन और स्थल प्रबंधन जैसे विषयों पर गंभीर मंथन हुआ। नेताओं ने कहा कि कुमाऊँ मंडल से हजारों की संख्या में कांग्रेसजन देहरादून पहुंचकर आंदोलन को मजबूती देंगे।

कांग्रेस चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ विधायक प्रीतम सिंह ने कहा कि यह आंदोलन प्रदेश की जनता के हक और अधिकारों की रक्षा के लिए है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे पूरी ताकत के साथ राजभवन घेराव में भाग लें और जनभावनाओं को मजबूती से उठाएं।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने प्रदेश सरकार पर हर मोर्चे पर विफल रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और विकास के ठहराव से जनता त्रस्त है। उन्होंने कहा कि 16 फरवरी का घेराव जनआक्रोश की सशक्त अभिव्यक्ति होगा।
कांग्रेस वर्किंग कमेटी सदस्य एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से जनता की आवाज़ उठाने का कार्य कर रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक संख्या में देहरादून पहुंचने की अपील की।
हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश ने बताया कि हल्द्वानी विधानसभा क्षेत्र से बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं और सभी ने एकजुट होकर आंदोलन को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया है।
कार्यक्रम का संचालन हल्द्वानी महानगर अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद सिंह बिष्ट एवं नैनीताल जिलाध्यक्ष राहुल छिमवाल ने संयुक्त रूप से किया। बैठक में उपनेता सदन एवं खटीमा विधायक भुवन कापड़ी, किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़, नानकमत्ता विधायक गोपाल सिंह राणा, पूर्व सांसद महेंद्र सिंह पाल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल, पूर्व विधायक प्रेमानंद महाजन, हेमेश खर्कवाल, ललित फर्स्वाण सहित कुमाऊँ मंडल के जिला एवं महानगर अध्यक्ष, पार्टी पदाधिकारी और अन्य वरिष्ठजन मौजूद रहे।

बैठक में उपस्थित वक्ताओं ने विश्वास जताया कि 16 फरवरी का राजभवन घेराव प्रदेश में जनहित के मुद्दों को बुलंद करने का प्रभावी माध्यम बनेगा।
